अवलोकन
इस्रा और मेराज
इसरा और मेराज (अरबी: الإسراء والمعراج, al-’Isrā’ wal-Mi‘rāj) रात के सफ़र के दो हिस्सों को कहा जाता है। इस रात मुहम्मद के दो सफ़र रहे, (1) मक्का से अल - अक्सा फिर वहां से सात आसमानों की सैर करते अल्लाह के सामने हाज़िर होकर मिले। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार रसूल मुहम्मद 621 ई में रजब की 27वीं रात को आसमानी सफ़र किये। कई रिवायतों के अनुसार इनका सफ़र जिस्मानी था कई रिवायतों के अनुसार खुद का रिश्ता था। रिवायतों के मुताबिक यह भी मानना है कि इनका सफ़र एक सवारी पर हुआ। लेकिन लोग इस बुर्राक़ को एक जानवर का रूप समझने लगे।...